Thursday, February 4, 2010

उत्कोच !! उत्कोच !!

आचार्य कौटिल्य को जब पढ़ रही थी , तब उत्कोच शब्द जादा समझ आया था . उस काल के उत्कोची लोगों और उत्कोच के तरीकों पर निगाह रखना शुरू कर दिया , लेकिन आज तो उत्कोच की परिभाषा ही बदल गई ,क्योंकि कोच की जगह तो अब बिस्तर ने ले ली है . भारतीय प्रशासनिक सेवा में कार्यरत आइएएस  अधिकारी या कहें कि सरकारी बाबू लोग रिश्वत लेने में इतने घाघ निकले कि हमारी तो हवाइयां ही उड़ गईं . कभी सोचा ही नहीं था कि लोग लक्ष्मी को बिस्तर के नीचे रखकर सो भी सकते हैं . कोई स्त्री इतनी नीच हो सकती है  कि जनता के पैसे को डकार भी सकती है . 
सरकार का पूरा कुनवा ही उत्कोची निकला , यहाँ तो हद कि भी हद हो गई , सरकार को चाहिए कि हर विभाग में अपने गुप्तचर नियुक्त करे , इन्हें तो तत्काल नौकरी से बर्खास्त कर देना चाहिए . जनता के सामने फंसी की सजा देना चाहिए . कमल है इन धूर्त लोगों के घर तो चोर भी नहीं जाते . सरकारी पिल्लों को दरवाजे पर जो बांध कर रखते हैं . कुत्तों से सावधान  का बोर्ड लग जाता है . सरकार भी तो नौकर -चाकर , गाड़ी ,घर सारी सुबिधायें देती है उसके बाद ये हाल हैं . समाज को भी नीचा दिखने के कारनामे कर डाले . 
उत्कोची व्यक्ति भी देशद्रोही  ही होता है , समाज ,देश , जनता , शासक सभी को धोखा देने वाला एक आतंकी के समान ही सजा पाने का अधिकारी होता है . सीधी बात है मृत्यु दंड मिलाना ही चाहिए . 
हमारे देश में स्कूलों की जर्जर अवस्था है ,बेसिक सुविधाएँ भी नहीं मिल पा रहीं हैं और ये रिश्वत खोर लोग घपले करने में लगे हैं . दवाइयों के अभाव में गरीब लोग दम तोड़ रहे हैं , बेटियां घर संभालने के बजाय नौकरियां कर रहीं हैं हमारा समाज बिखर रहा है . इन लोगों को किसी का डर ही नहीं रह गया . 
समाज के मध्यम लोग दाल रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं . पापी लोग पीढ़ियों के लिए नोट छाप कर रख रहे हैं शर्मसार करने वाली घटनाये हो रहीं हैं . सरकार को चाहिए दृढ़ता  पूर्वक भ्रष्टाचारी लोगों को दंड दे , उनका सफाया करे हो सकता है कुछ लोग इससे सबक ले सकें , उत्कोची प्रणाली पर अंकुश लग सके .
रेनू शर्मा .....

3 comments:

दिगम्बर नासवा said...

किस सरकार की बात कर रही हैं आप ........... जो खुद पूरी की पूरी भ्रष्टाचार में डूबी हुई है ............

अनिल कान्त : said...

भ्रष्टाचार का अंत करने के लिए हूमें स्वंय से शुरुआत करनी होगी.

Renu Sharma said...

haan , aap log theek kah rahe hain .
sabhi sarkaren lipt hain .
kuchh to karana hi hoga.